My First Video, Last day in Hospital, Just before discharge ... Thanks Mom !!
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और कल, 7 अक्टूबर 2016 को मेरी 'बरहिया (बच्चे के जन्म के कुछ दिन बाद संपन्न होने वाला रिवाज)' थी, परिवार के साथ ... My photos with Family Members, Vimisha Blog!
आप सबको प्रणाम, कई दिन हॉस्पिटल में गुजारने के बाद घरवालों से मिलने का सुअवसर. दादी, छोटी दादी, चाचाओं, चाची, बुआ, बड़े भाइयों एवं मम्मी ...
प्रिय पॉलिसीबाज़ार.कॉम टीम,
मेरा नाम मिथिलेश कुमार सिंह और लगभग साढ़े तीन साल पहले मैंने आपकी कंपनी के सजेशन पर मैक्सबुपा.कॉम की पालिसी ली थी. अभी इसको मैं तीसरी बार रिन्यू भी करा चुका हूँ, बिना किसी रूकावट या प्रीमियम में देरी किये ... इसकी डिटेल / स्क्रीनशॉट इस मेल में अटैच है.
पूरा मामला विस्तृत ढंग से समझने के लिए हर एक भारतीय को इस लेख/ पत्र को इस लिंक पर अवश्य पढ़ना चाहिए ... क्लिक करें !! >> सामाजिक सुरक्षा और भारत में इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरेंस सेक्टर ...
समस्या तब हुई, जब न्यू बोर्न बेबी ऑफ़ विंध्यवासिनी सिंह का क्लेम देने से कंपनी ने इनकार कर दिया. इसके लिए एक लाइन में उन्होंने कारण बता दिया कि न्यू बोर्न बेबी को कंजेनिटल एनॉमली (Congenital Anomalies) है, .... जबकि मरीज (न्यू बोर्न बेबी) के बारे में इलाज करने वाले हॉस्पिटल और डॉक्टर्स ने क्लियर लिखा है कि उसे कंजेनिटल निमोनिया (Congenital Pneumonia) था, साथ ही दूसरी मेडिकल डिटेल भी इससे अलग उन्होंने दी! कैशलेस रिजेक्शन के बाद, हॉस्पिटल से डॉक्टर्स ने डिटेल में क्लेरिफिकेशन भी लिखा कि दोनों टर्म (Congenital Anomalies और Congenital Pneumonia) बिलकुल अलग हैं. एनॉमली (Anomaly) की मीनिंग सीधे-सीधे शारीरिक डिफेक्ट से है, जैसे मरीज की छः अंगुलियां हों, या फिर उसका लंग डेवेलप न हुआ हो, कान न बना हो या फिर कोई अंदरूनी विकार इत्यादि ... किन्तु, यहाँ मामला डिफेक्ट के नहीं है, बल्कि इन्फेक्शन के है. यह पूरा मामला जान बूझकर गलत इन्टरप्रेट किया गया है और एक-एक पॉइंट क्लियर करते हुए हेल्थ इन्सुरेंस कंपनी को मेल भी किया गया हॉस्पिटल द्वारा ... उस लेटर का एक कॉपी आपको भी मेल में भेज रहा हूँ.
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हॉस्पिटल से बाहर के डॉक्टर्स द्वारा भी मैंने अनऑफिशियल बात की तो उन्होंने भी मैक्स बुपा हेल्थ इन्शुरन्स के इंटरप्रिटेशन को गलत बताया. कई लोगों ने बोला कि अपने एजेंट को पकड़ो, वह दबाव बना सकता है, किन्तु यह पालिसी तो मैंने पॉलिसीबाज़ार.कॉम के कहने पर ली थी और यही नहीं, कल मैंने अपने सगे भाई कौशलेश सिंह को भी पॉलिसीबाज़ार.कॉम में रिफर किया (Letter to Health Insurance Agents, PolicyBazaar.com, Online Policy Purchasing, Hindi) और उसने भी संयोग से वही पालिसी ली (तब तक कंपनी का क्लेम रिजेक्शन नहीं आया था, अन्यथा मैं कभी रिकमेंड नहीं करता. >> उसकी पालिसी रिपोर्ट भी अटैच कर रहा हूँ. हम दोनों भाई हैं और मैंने ही उसे रेफेर किया था, इसका सबूत हमारे फादर नाम: कृष्ण देव सिंह और सेम पालिसी लेना है. बाकी उससे पूछ कर भी पॉलिसीबाज़ार कन्फर्म कर सकता है.) मेरी केस फंसने पर मेरे भाई ने अपने बिहाफ पर पॉलिसीबाज़ार.कॉम से बात की, तो उन्होंने भी मैक्सबुपा के रिजेक्शन को गलत बताया
एज ए एजेंट आप इस मामले में क्लियर गाइड करें, ताकि आपका कस्टमर दुःखी पर दुःखी न हो! ऑनलाइन दुनिया में हर तरह की पालिसी खरीददारों के लिए (खासकर पर्सनल पॉलिसीज हेतु) आप लोग ही तो एजेंट हैं, अतः हमारे अधिकारों के लिए जायज़ फाइट करें, बिना मामले में टाल-मटोल किये हुए!
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मेडिकल एक्सप्लेनेशन: अटैच लेटर में बिलकुल क्लियर, सभी जरूरी जांचों के बाद डॉक्टर्स ने मेंशन किया है (ऐसे दो लेटर आलरेडी मैक्सबुपा को हॉस्पिटल द्वारा भेजे गए हैं) कि बच्चे को कोई anomalies नहीं है, बल्कि यह केस इन्फेक्शन का है. बावजूद उसके कस्टमर का 'कैशलेस' का अधिकार इन्टेंशनली छीन लिया गया है.
Note: पालिसी खरीददार, जो खुद शिकायतकर्ता भी है, अपनी ऑफिशियल ईमेल आईडी से यह मेल भेज रहा है.
धन्यवाद.
आपका ऑनलाइन ग्राहक - मिथिलेश कुमार सिंह.
Letter to Health Insurance Agents, PolicyBazaar.com, Online Policy Purchasing, Hindi: Regarding INTENTIONALLY claim rejection, without listening hospital's doctors ... !!
पूरा मामला विस्तृत ढंग से समझने के लिए हर एक भारतीय को इस लेख/ पत्र को इस लिंक पर अवश्य पढ़ना चाहिए ... क्लिक करें !! >> सामाजिक सुरक्षा और भारत में इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरेंस सेक्टर ...
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Letter to Health Insurance Agents, PolicyBazaar.com, Online Policy Purchasing, Hindi: Regarding INTENTIONALLY claim rejection, without listening hospital's doctors ... !!
प्रिय पॉलिसीबाज़ार.कॉम टीम, मेरा नाम मिथिलेश कुमार सिंह और लगभग साढ़े तीन साल पहले मैंने आपकी कंपनी के सजेशन पर मैक्सबुपा.कॉम की पालिस...
प्रिय मैक्सबुपा हेल्थ इन्शुरन्स टीम,
पिछले तीन साल से सही समय पर पालिसी प्रीमियम भरने के बावजूद आपकी कंपनी ने मेरी कैशलेश पालिसी होने के बावजूद आखिरी समय धोखा दे दिया. आप अपने नियमों / टर्म्स, कंडीशन के बावजूद पूरी तरह से पीछे हट गए, जो आपके प्रोफेशनल रवैये पर सवाल खड़ा करता है. सीधे पॉइंट पर आते हैं तो कस्टमर आईडी: 0000280615 द्वारा प्री-ओथ आईडी: 118298 जनरेट की गयी, जिसे आपके द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया और कारण बताया गया कंजंटियल एनॉमली (Congential Anomalies) .... जबकि मरीज (न्यू बोर्न बेबी) के बारे में मेडिकली आपने लिखा है कंजंटियल निमोनिया (Congential Pneumonia)! हॉस्पिटल से डॉक्टर्स ने इसके बाद आपको क्लेरिफिकेशन भी लिखा कि दोनों टर्म बिलकुल अलग हैं. एनॉमली (Anomaly) की मीनिंग सीधे-सीधे शारीरिक डिफेक्ट से है, जैसे मरीज की छः अंगुलियां हों, या फिर उसका लंग डेवेलप न हुआ हो, कान न बना हो इत्यादि ... किन्तु, यहाँ मामला डिफेक्ट के नहीं है, बल्कि इन्फेक्शन के है. आप अपने टर्म्स कंडीशन के अनुसार डिफेक्ट कवर नहीं करते हो, किन्तु इन्फेक्शन कवर करते हो .... जहाँ तक बात है निमोनिया के साथ कंजंटियल शब्द इस्तेमाल होने की तो, इसे गलत इन्टरप्रेट करने के लिए आप की कंपनी और मेडिकल टीम पर भारी हर्जाना लगा सकती है आईआरडीए (Example of Don't care attitude, Hindi Articles, Essay).
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| Health Insurance, Saving for a brighter tomorrow, is this slogan right or there are cheating menatlity of Health Insurance companies like Max Bupa health Insurance |
आज मेरे पास कैश नहीं है और कोई सुविधा न होने के कारण मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहा है और आपकी लापरवाही से ऐसा कई मरीजों और आपकी हेल्थ पालिसी धारकों के साथ होता ही होगा... मैं देखता हूँ अगर मुझे कोई 100 या 200 % व्याज पर भी पैसे दे तो मैं अपने न्यू-बोर्न बेबी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करा कर ले आऊं, किन्तु आप की कंपनी ने जो टालमटोल रवैया अपनाया है, उसके लिए सरकार और आईआरडीए से मैं दरख्वास्त करूंगा कि आपकी कंपनी के लाइसेंस ही रद्द (Why IRDA issuing licence to poor customer rating companies, Real customers, real victim, Fight for justice) किया जाए. इसके लिए आपकी कस्टमर केयर टीम ने निम्न गलतियां और अनदेखापन किया है:
- >> सीधे-सीधे हमारी रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दी गयी और उसमें मात्र दो-चार लाइन लिखकर अपनी पालिसी के हवाला दे दिया आपने, जबकि इस मामले में आपको पूरी डेफिनिशन और मेडिकल प्रूफ देना चाहिए था.
- >> जब हमारे डॉक्टर्स ने बाकायदा आपको री-कॉन्सीडरेशन लेटर भेजा और बताया कि कंजंटियल निमोनिया और कंजंटियल एनॉमली अलग-अलग चीजें हैं, उसके बावजूद आपने पुराना कैंसलेशन कारण हॉस्पिटल की मेल आईडी पर दोहरा दिया, जबकि आपको यहाँ तो कारण स्पष्ट करना ही चाहिए था.
- >> जब आपका कस्टमर, आपके टोल फ्री नंबर पर सीनियर या डॉक्टर-टीम से इसका कारण पूछ रहा था तो लगभग 45 मिनट बात करने के बावजूद उसे टाल दिया गया और कहा गया कि सीनियर द्वारा कॉल बैक होगी, जबकि ऐसा नहीं हुआ.
- >> मेरी न्यू-बोर्न बेबी हॉस्पिटल में है, किन्तु इतनी एमरजेंसी होने के बावजूद आपकी तरफ से न कोई जांचने, न मामले को समझने के लिए हॉस्पिटल आया, न किसी ने कस्टमर या बच्ची के इलाज कर रहे डॉक्टर से बात करने की जरूरत समझी. बस एकतरफा आपने डिसीजन सुना दिया कि बच्चे को कंजंटियल एनॉमली है. यह पूरी तरह गलत है और इसके लिए आप की कंपनी पर कार्रवाई की गुजारिश सम्बंधित अथॉरिटी से करूंगा.
- >> जब कस्टमर, मिथिलेश कुमार सिंह ने आईआरडीए के टोल फ्री न. पर संपर्क किया तो वहां से किसी ROHIT KOHLI >> 011 30902000, 6255 जी के न. और एक्सटेंशन मिला किन्तु इस न. पर कई-कई बार कॉल करने के बावजूद फोन उठाया नहीं गया.
- >> मजबूरन मुझे, यानी आपके कस्टमर को आईआरडीए में कम्प्लेन दर्ज करानी पड़ी, जिसका टोकन न. शायद आपके पास भी पहुँच चूका होगा. यह टोकन न. है: 10-16-002364
- >> आपकी पालिसी के जो क्लॉज (4 a (VI)) बताया गया है रिजेक्शन के रीजन, उसका स्क्रीन-शॉट आपको भेज रहा हूँ, उसमें कहीं भी कंजंटियल निमोनिया नहीं लिखा है और मेडिकल साइंस में, जहाँ तक मुझे जानकारी दी गयी कि कोई जरूरी नहीं है कि कंजंटियल निमोनिया को कंजंटियल एनॉमली मान लिया जाना चाहिए.
पूरा मामला विस्तृत ढंग से समझने के लिए हर एक भारतीय को इस लेख/ पत्र को इस लिंक पर अवश्य पढ़ना चाहिए ... क्लिक करें !! >> सामाजिक सुरक्षा और भारत में इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरेंस सेक्टर ...
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| Letter to Maxbupa Health Insurance Team, for rejecting Claim, Bad Customer care Service, GMAIL SCREEN-SHOT |
संभव है, मैं कहीं से उधर मांग कर, भीख मांग कर, ब्याज पर लेकर यह पैसा जमा कर दूं, किन्तु आपकी होल-शोल लापरवाही के लिए इस बात के लिए फाइट करूंगा कि आपकी कंपनी के लाइसेंस रद्द किया जाए. क्योंकि आपके गलत इंटरप्रिटेशन, गलत कस्टमर केयर सर्विस और टालमटोल के रवैये से ग्राहक 'आत्महत्या' तक कर सकते हैं, तो ऐसे में आप जैसी इन्शुरन्स कंपनी न ही रहे तो भारतीय नागरिकों के हित होगा. सुबह से आपसे अपने हक़ के लिए लड़ने वाले कस्टमर के साथ जब आप यह सब कर सकते हैं तो साधारण कस्टमर के साथ आप क्या नहीं करते होंगे? शायद मैं कॉर्पोरेट-क्लायंट होता तो आप ज्यादा तवज्जो देते, क्योंकि उस पर्टिक्युलर कंपनी से आपके सैकड़ों कस्टमर जुड़े होते हैं, किन्तु पर्सनल इन्शुरन्स को आप इतने हलके में लेंगे, यह बेहद दुखदायी बात है. आपके अमानवीय रवैये (They are not caring their customers) के लिए आपको धन्यवाद देते हैं और उम्मीद करते हैं कि मामले को दो-चार लाइन में निपटा देने की बजाय, आप इसे गंभीरता से लेंगे और भारतीय कानून से डरते हुए मानहानि से बचना चाहेंगे!
धन्यवाद.
निवेदनकर्ता:
विंध्यवासिनी सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह (कस्टमर आईडी: 0000280615 ), Policy No.: 30254705201502
Letter to Maxbupa Health Insurance Team, for rejecting Claim, Bad Customer care Service
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Complain Registration
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Letter to Maxbupa Health Insurance Team, for rejecting Claim, Bad Customer care Service: कस्टमर को परेशान करने, मेडिकल टर्म को इन्टेंशनली गलत इन्टरप्रेट करने, सही कस्टमर सर्विस न देने और अपने टर्म्स/ कंडीशन से पीछे हटने के सन्दर्भ में !
प्रिय मैक्सबुपा हेल्थ इन्शुरन्स टीम, पिछले तीन साल से सही समय पर पालिसी प्रीमियम भरने के बावजूद आपकी कंपनी ने मेरी कैशलेश पालिसी हो...

























